सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल
नए साल २०२६ की शुरुआत के साथ ही आम आदमी को महंगाई का जबरदस्त झटका लगा है। कमोडिटी मार्केट खुलते ही चांदी की कीमतों में ४००० रुपये प्रति किलो से ज्यादा की भारी उछाल दर्ज की गई है। दिसंबर २०२५ में भी चांदी में जबरदस्त तेजी देखी गई थी, लेकिन वर्तमान बढ़त ने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, चांदी में ऐसी ऐतिहासिक तेजी आखिरी बार साल १९८९ में देखी गई थी। वर्तमान में एमसीएक्स (MCX) पर चांदी का भाव २,४१,४२४ रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर गया है।
सोने की चमक भी हुई तेज
चांदी की ही तरह सोने की कीमतों में भी भारी बढ़त देखी जा रही है, हालांकि यह चांदी के मुकाबले थोड़ी कम है। एमसीएक्स पर सोने का भाव १,३६,६१९ रुपये प्रति १० ग्राम के करीब पहुंच गया है, जिसमें ८१५ रुपये प्रति १० ग्राम की ताजा वृद्धि दर्ज की गई है। सोने ने अपना अब तक का सबसे उच्चतम स्तर १,३६,६९९ रुपये प्रति १० ग्राम के रिकॉर्ड को छू लिया है। इस अचानक आई तेजी की वजह से आभूषण खरीदने वालों और आम जनता में काफी चिंता देखी जा रही है।
देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी के ताजा भाव
देश के अलग-अलग शहरों में कीमतों में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है। पटना में सोना १,३६,७२० रुपये प्रति १० ग्राम है, वहीं लखनऊ और कानपुर में यह १,३६,७५० रुपये के भाव पर बिक रहा है। भोपाल और इंदौर में सोना सबसे महंगा १,३६,८६० रुपये प्रति १० ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। चांदी की बात करें तो जयपुर में चांदी २,४१,६०० रुपये प्रति किलो है, जबकि रायपुर में सोना देश में सबसे सस्ता १,३६,०३० रुपये प्रति १० ग्राम के आसपास मिल रहा है।
भविष्य का अनुमान: क्या और बढ़ेंगे दाम?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने-चांदी में आई इस अभूतपूर्व तेजी के बाद या तो कीमतों में भारी गिरावट आती है या फिर दाम लंबे समय तक इसी उच्च स्तर पर स्थिर हो जाते हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि चांदी १.५ लाख रुपये प्रति किलो का एक नया बेस प्राइस बना सकती है, लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थितियों को देखते हुए यह ३ लाख रुपये प्रति किलो के आंकड़े की ओर भी बढ़ सकती है। २०२६ में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।





